दक्षिणेश्वर काली मन्दिर उत्तर कोलकाता में, बैरकपुर में, विवेकानन्द सेतु के कोलकाता छोर के निकट, हुगली नदी के किनारे स्थित एक ऐतिहासिक हिन्दू मन्दिर है। इस मंदिर की मुख्य देवी, भवतारिणी है, जो हिन्दू देवी काली माता ही है। यह कलकत्ता के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है, और कई मायनों में, कालीघाट मन्दिर के बाद, सबसे प्रसिद्ध काली मंदिर है। इसे वर्ष 1854 में जान बाजार की रानी रासमणि ने बनवाया था।

DPS Buxar - आदर्श युवा क्लब दुर्गा पूजा समिति ने दक्षिणेश्वर काली मन्दिर को 2013 में दुर्गा पूजा के पंडाल के रूप मे बनाया। जिसकी ऊंचाई लगभग 55 फीट थी, जिसे देखने के लिए बिहार के कई जिले से लाखो श्रद्धालु पहुंचे। पंडाल की भव्यता देख लोग मंत्रमुग्ध हो गए खासकर थर्मोकोल की बारीक डिजाइनिंग को देख कर। हमारे इस पंडाल को प्रथम स्थान मिला।

पंडाल की विशेषता

नाम दक्षिणेश्वर काली मंदिर
वर्ष 2013
ऊंचाई 55 फीट
स्थान प्रथम
कुल खर्च ₹1,80,000+